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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने अलग अलग मुठभेड़ में 8 आतंकियों को मार गिराया

जम्मू/श्रीनगर। कश्मीर घाटी में सेना आतंकियों का चुन-चुन कर सफाया कर रही है। गुरुवार को कुपवाड़ा, सोपोर और जम्मू में सुरक्षाबलों ने आठ आतंकियों को मार गिराया। सेना के जवानों ने वीरवार को उत्तरी कश्मीर में एलओसी के साथ सटे केरन (कुपवाड़ा) सेक्टर में घुसपैठ का प्रयास नाकाम बनाते हुए तीन आतंकियों को मार गिराया। फिलहाल, उनके अन्य तीन साथियों के एलओसी पर छिपे होने की आशंका के चलते सेना के जवानों ने अपना तलाशी अभियान जारी रखा हुआ है। जानकारी के अनुसार, आज सुबह केरन सेक्टर के अंतर्गत एलओसी के अगले हिस्से में डटगली में गश्त कर रहे सेना की 3 जैक राइफल्स के जवानों ने घुसपैठियों के एक दल को भारतीय इलाके में देखा। जवानों ने तुरंत आस पास की चौकियों की सूचित किया और घुसपैठियों पर नजर रखी। यह इलाका बलीबीर पोस्ट के दायरे में आता है। बताया जाता है कि घुसपैठियों की संख्या छह थी। जैसे ही यह लोग एलओसी पार कर भारतीय इलाके में दाखिल हुए, जवानों ने उन्हें ललकारते हुए आत्मसमर्पण करने को कहा। जवानों की ललकार सुनते ही घुसपैठियों ने वापस भागना चाहा। उन्होंने जवानों को अपने पीछे आने से रोकने के लिए गोली भी चलाई। जवान पहले से ही तैयार थे, उन्होंने गोलियां चला भाग रहे आतंकियों पर जवाबी फायर किया और उन्हें मुठभेड़ में उलझा लिया। यह मुठभेड़ सुबह 10.40 बजे शुरू हुई और करीब दो घंटे जारी रही। संबंधित सैन्याधिकारियों ने बताया कि तीन घुसपैठिए मारे गए हैं, लेकिन तीन अन्य वापस भागने में कामयाब रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिंदा बचे आतंकियों के दोबारा घुसपैठ करने या फिर उनके वहीं मुठभेड़ स्थल के अास पास छिपे होने की आशंका को देखते हुए पूरे इलाके में घेराबंदी करते हएु तलाशी अभियान को जारी रखा गया है। उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकियों के शव एलओसी के अगले हिस्से में पाकिस्तानी सेना की सीधी फायरिंग रेंज में होने के कारण तत्काल कब्जे में नहीं लिए जा सके हैं।

सोपोर में जैश के दो आतंकी मार गिराए  उत्तरी कश्मीर के चिकीपोरा सोपोर में सुरक्षाबलों ने सात घंटे की भीषण मुठभेड़ में जैश ए मोहम्मद के अली अतहर समेत दो पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया। अली अतहर ही वह आतंकी कमांडर है, जिसने छह जनवरी को सोपोर में हुई भीषण आईईडी विस्फोट की साजिश रची थी। इस धमाके में चार पुलिसकर्मी मारे गए थे। मुठभेड़ में आतंकियों की मौत के बाद सोपोर और उसके साथ सटे इलाकों में भड़की हिंसा और तनाव के मददेनजर प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने के अलावा श्रीनगर-बारामुला रेल सेवा को भी बंद कर दिया। लेकिन श्रीनगर-बनिहाल रेल सेवा बहाल रही। गौरतलब है कि जैश ए मोहम्मद के दो आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर बीती रात ही सेना की 22 आरआर, राज्य पुलिस विशेष अभियान दल एसओजी और सीआरपीएफके जवानाें ने संयुक्त रूप से चिकीपोरा के तेलियां इलाके की घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान चलाया था। यह तलाशी अभियान बीती रात साढ़े ग्यारह बजे शुरू हुआ था। आज सुबह चार बजे सुरक्षाबलों ने जैसे ही आतंकी ठिकाना बने मकान में दाखिल होने का प्रयास किया, अातंकियों ने उन पर फायर कर दिया। जवानों ने भी तुरंत अपनी पोजीशन ली और जवाबी फायर किया। इसके साथ ही मुठभेड़ शुरू हो गई। जवानों ने आतंकियों की गोलियों का जवाब देते हुए आतंकी ठिकाना बने मकान के साथ सटे मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। करीब 60 लोगों को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान उनके घरों से सुरक्षित निकाला।

सुबह साढ़े बजे आतंकियों की तरफ से गोलियों की बौछार पूरी तरह बंद हो गई। मुठभेड़ के दौरान आतंकियों ने कई बार अपना ठिकाना भी बदला। करीब एक घंटे तक आतंकियों की तरफ से गोलियां चलाना बंद होने पर सुरक्षाबलों ने उनके मारे जाने का अंदाजा लगाते हुए तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान जब सुरक्षाबल तलाशी लेते हुए आगे बढ़ने लगे तो आतंकियों ने दोबारा उन पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला ओर जवाबी फायर किया और फिर सवा ग्यारह बजे के करीब दोनों आतंकी मारे गए। मुठभेड़ के दौरान आतंकियों की सही स्थिति का पता लगाने के सुरक्षाबलों ने ड्रोन का भी इस्तेमाल किया। इस बीच, मुठभेड़ की खबर के साथ ही पूरे इलाके में तनाव पैदा हो गया। शरारती तत्वों ने राष्ट्रिवरोधी नारेबाजी करते हुए जुलूस भी निकला और वहां तैनात सुरक्षाबलों पर पथराव भी कियाव। हिंसक तत्वों को खदेड़ने और कानून व्यवस्था की स्थिति बहाल करने के लिए सु़रक्षाबलों ने भी बल प्रयोग किया। हालात काे देखते हुए प्रशाासन ने सोपोर व उसके साथ सटे इलाकों में शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित करने के साथ ही इंटरनेट सेवाएं भी ठप कर दी। श्रीनगर- बारामुला रेल सेवा को भी एहतियातन बंद कर दिया गया। एसएसपी सोपोर जावेद इकबाल ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए दोनों आतंकी जैश ए मोहम्मद के हैं और दोनों ही पाकिस्तान के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से एक अली उर्फ अतहर है और दूसरा जिया-उर-रहमान है। अली बीते चार साल से कश्मीर में सक्रिय था और उस पर आठ लाख का इनाम था। इसी साल छह जनवरी को सोपोर में हुई भीषण आईईडी विस्फोट की साजिश उसने ही रची थी। इस धमाके में चार पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। अली और जिया दोनों ही करीबत तीन दर्जन से ज्यादा आतंकी वारदातों में पुलिस को वांछित थे। मुठभेड़स्थल से दो एसाल्ट राइफलें, व अन्य साजो सामान बरामद किया गया है। इन दाेनों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए फजी आधार कार्ड भी रखे हुए थे। इन आधार कार्ड की जब जांच की गई तो पता चला कि जो आधार नंबर है, वह कुपवाड़ा के रहने वाले नागरिकों के हैं।

जम्मू में तीन आतंकी ढेर, तीन एके47 राइफलें, मैगजीन व ग्रेनेड बरामद
जम्मू -श्रीनगर हाईवे पर स्थित झज्जर कोटली के साथ लगते जंगलों में सुरक्षाबलों ने 32 घंटों तक चलाए गए तलाशी अभियान के दाैरान तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया। यह आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के बताए जाते हैं। मारे गए आतंकियों से तीन एके47 राइफलें, मैगजीन, ग्रेनेड आदि बरामद हुए हैं। मुठभेड़ के दौरान सेना का मेजर दीपक उपाध्याय, 9 पैरा कमांडो राजेंद्र सिंह व सुधीर कुमार, डीएसपी सहित 13 जवान घायल हो गए। घायलों में सीआरपीएफ का एक डिप्टी कमांडेंट, एक असिस्टेंट कमांडेंट और एक एसडीपीओ समेत चार पुलिस कर्मी शामिल हैं। सभी घायलों को श्री माता वैष्णो देवी के नारायणा अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। जैश के यह तीनों अातंकी बुधवार सुबह वाल पुट्टी से लदे ट्रक में छिपकर श्रीनगर जा रहे थे, लेकिन झज्जर कोटली में ड्राइवर रियाज अहमद और कंडक्टर मकबूल नाश्ता करने के लिए साईं कैफटेरिया पर रुके तो पुलिस ने ट्रक में संदिग्ध छिपे होने के बाद तलाशी ली तो यह तीनों आतंकी कूद कर साथ लगते जंगलों में छिप गए। मौके से भागे यह आतंकी हाईवे से मात्र 50 मीटर दूर स्थित ईश्वर दास खजूरिया के घर के बाहर छिपे रहे जिसका सुरक्षाबलों को पता तक नहीं चला। रात करीब आठ बजे तीनों आतंकी ईश्वर के घर घुस आए। करीब एक घंटा वहां रहने के बाद कुछ जलपान के साथ वे 9.30 बजे के करीब घर से यह कहकर चले गए कि इस बात का जानकारी किसी को न दें। बुधवार रात को ही सेना, सीआरपीएफ, पुलिस के जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर ली। उन्हें मालूम था कि आतंकी ज्यादा दूर नहीं गए होंगे। वीरवार सुबह यह आतंकवादी झज्जर कोटली स्थित ईश्वर दास के घर से रात में पैदल झज्जर नदी को पार कर ककरयाल के तीर्थी गांव में राज कुमार के घर में घुस गए। उन्होंने चार किलोमीटर का फासला जंगल के रास्ते से तय किया। उन्होंने परिवार को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया और उन्हें आश्वासन भी दिया कि हम आपको कुछ नहीं कहेंगे। उन्होंने उनसे खाना मांगा। उन्होंने राज कुमार को दो हजार रुपये दिए और कहा कि कुछ खाने के लिए ले आओ। हो सके तो श्रीनगर जाने के लिए गाड़ी का बंदोबस्त भी कर देना। राजकुमार ने इसकी सूचना वहां गश्त कर रहे सीआरपीएफ के जवानों को दी। सीआरपीएफ के जवान जैसे ही मकान के अंदर घुसे तो वहां छिपे आतंकियों ने फायर खोल दिया जिसमें सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट हर्षपाल सिंह, असिस्टेंट कमांडेंट मनोज कुमार, पंचम सिंह, अभय सिंह व जाकिर हुसैन घायल हो गए। जवानों ने पोजीशनें ले लीं लेकिन आतंकियों ने ताबड़-तोड़ गोलीबारी जारी रखी जिसमें एसडीपीओ नगरोटा मोहन लाल शर्मा, सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल मोहम्मद इकबाल, कांस्टेबल भानू प्रताप सिंह घायल हो गए। बुधवार को आतंकियों की फायरिंग में फारेस्ट गार्ड गणेश दास घायल हो गया था।  11 बजे शुरू हुआ यह मार गिराओ अभियान में पहली सफलता करीब 12 बजे मिली जब पहला आतंकवादी ढेर कर दिया। दूसरी सफलता सुरक्षाबलों को तब मिली जब उन्होंने दूसरे आतंकी को मार गिराया। यू फोर्स के मेजर जनरल अरविंद भाटिया को गृह मंत्रालय से सूचना मिली कि तीसरे आतंकी को किसी भी हालत में जिंदा पकड़ना है। यह तीसरा आतंकी भागकर नाले तक पहुंच गया था। वह रुक रुक कर फायर कर रहा था। करीब 4 बजे यह आतंकी सुरक्षा घेरे को तोड़ कर भाग निकला। जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि दूसरे काॅलम में तैनात जवानों ने उसे थोड़ी दूरी पर ही रोक दिया और वह रुक-रुक कर फायर करता रहा। लेकिन 4.30 बजे के करीब तीसरे आतंकवादी को भी सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया। सेना की यूफोर्स के मेजर जनरल अरविंद भाटिया ने मीडिया को बताया कि यह आतंकवादी हाल ही में हीरानगर और सांबा सेक्टर पर स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार कर पाकिस्तान से यहां आया है। इन आतंकियों ने जिन घरों में शरण ली, उन्हें कोई नुकसान पहुंचाने की आतंकियों की मंशा नहीं थी। लेकिन वो चाहते थे किसी तरह यहां से निकल कर जम्मू बस स्टेंड या हाईवे तक पहुंच जाएं। आतंकियों से एक पिट्ठू भी मिला है। अरविंद ने ट्रक ड्राइवर का हवाला देते हुए बताया कि इनके कुछ साथी घाटी में भी हैं। पकड़ा गया ट्रक एक ओवर ग्राउंड वर्कर है और यह पहले भी आतंकियों को जम्मू से श्रीनगर ले जाता रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकी घुसपैठ कर श्रीनगर जाने की फिराक में थे। सीमा पर बैठे आतंकियों के आकाओं की कोशिश होती है कि नदी नालों के रास्ते से आतंकियों को भारतीय क्षेत्र में भेजा जाए। ट्रक ड्राइवर मकबूल भी फार्मासिस्ट की ट्रेनिंग ले रहा है।

आतंकियों के मारे जाने के विरोध में हड़ताल
उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लंगेट क्षेत्र में मंगलवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो आतंकियों के मारे जाने के विरोध में वीरवार को तीसरे दिन भी हड़ताल के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। क्षेत्र में तमाम व्यापारिक प्रतिष्ठान व शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। यातायात भी ठप रहा। स्थिति को भांपते हुए जिला प्रशासन ने वीरवार को भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। गौरतलब है कि मंगलवार को गलूरा इलाके में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकी लियाकत अहमद लोन व फुरकान रशीद लोन मारे गए थे। उधर, बारामुला जिले के सोपोर क्षेत्र में भी वीरवार तड़के आतंकियों व सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ के चलते क्षेत्र में हड़ताल रही। तमाम व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। स्थिति को देखते हुए श्रीनगर-बारामुला रेल सेवा स्थगित कर दी गई।

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