उत्तरप्रदेश

छात्र-छात्राओं को इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन के प्रदूषण से किया सावधान

मेरठ- सोमवार को जागरूक नागरिक एसोसिएशन की ओर से सेंट जोन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल कैंट में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं को इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन के प्रदूषण से सावधान किया। साथ ही उन्हें प्रेरित किया कि वह दूसरों से भी इससे बचने के लिए विस्तार से जानकारी दें और उन्हें बीमारियों से बचाव के लिए प्रेरित किया।
संगोष्ठी की शुभारंभ एसोसिएशन के महासचिव गिरीश कुमार शुक्ला, पीएन पालीवाल, कैप्टन सीपीएस यादव, सुशील कुमार के साथ ही सेंट जोन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल मेरठ कैंट की प्रधानाचार्या चंद्रलेखा जैन ने किया। संगोष्ठी में छात्र-छात्राओं से एसोसिएशन के महासचिव गिरीश कुमार शुक्ला ने सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि अभी तक हम लोग जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण को ही मानव जीवन के लिए हानिकारक मानते थे, लेकिन अब होने वाले इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन के से उनसे भी ज्यादा खतरनाक और मानव जीवन के लिए धीमा जहर साबित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि मोबाइल रेडिएशन फैलाने वाले उपकरण जैसे मोबाइल फोन, फोन टावर, दूरसंचार, टेलीविजन, ट्रांसमिशन, एफएम रेडियो से भी इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन फैलता है। टावर की तरंगों से मानसिक रोगों को खतरा है तथा वाईफाई डिवाइस , प्रिंटर, माइक्रोवेव ओवन, कोडलेस फोन आदि से मानव जीवन को गंभीर खतरा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रधानाचार्या चंद्रलेखा जैन ने की। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि जो जानकारी संगोष्ठी में मिली। वह जानकारी विद्यार्थी दूसरों तक पहुंचाए। ताकि जागरूकता फैले और इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन के प्रदूषण से दूसरे लोगों भी बचाया जा सके। संस्था संरक्षक प्रभात राय ने भी इस विषय पर विचार व्यक्त किए। बताया की सीएफएल और डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार एफसीपीएच ने बताया कि तीन घंटे टीवी देखने से टाइप-2 मधुमेह, दिल का रोग, अनिंद्रा, एलर्जी, पाचन क्रिया में गड़बड़ी तथा यहां तक की आई कैंसर, माईग्रेन, मिग्री और ब्रेन ट्यूमर आदि खतरनाक बीमारियां हो सकती है। कार्यक्रम में पीएन पालीवाल, कैप्टन सीपीएस यादव, सुशील कुमार, केएल बत्रा, आरके अरोड़ा का भी सहयोग रहा।
विद्यार्थियों को बताए ऐसे घटाएं रेडियेशन
– यदि सिग्नल कमजोर हों तो मोबाइल पर बात न करें।
– बंद कमरे के मुकाबले खुली जगह पर बात करें।
– लंबी बात न करें।
– बात करते समय सिर से जितनी दूर हो सके फोन को रखें।
– आवश्यक न हो ते सिर्फ एसएमएस से काम चलाए।

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