Uttarakhand

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान रात 9:00 बजे से 09 बजकर 09 मिनट तक देश में बिजली की खपत में करीब 31000 मेगावाट की कमी आई:-नरेन्द्र सिंह

देहरादून। वर्तमान समय में देश में आई वैश्विक महामारी कोविड -19 आपदा से चल रही लड़ाई में  माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर संपूर्ण देशवासियों ने अपने घरों की लाइटें 05 अप्रैल को रात 9:00 बजे से 09 बजकर 09 मिनट तक के लिए बंद करके दीप प्रज्वलित किए तथा इस वैश्विक महामारी से एक साथ लड़ने का संकेत दिया। इस दौरान राष्ट्रीय ग्रिड के सुचारू संपादन की प्रणाली की जानकारी देते हुए देहरादून के निवासी एवं द इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ने बताया की माननीय प्रधानमंत्री जी के इस आह्वान से इस अवधि में देश में बिजली की खपत में करीब 31000 मेगावाट की कमी आई। बिजली के लोड में यह कमी दो-तीन मिनट के अंतराल में आई और 9 मिनट के बाद दो-तीन मिनट में ही दोबारा बढ़ भी गई। ऐसी परिस्थिति में बिजली ग्रिड को सामान्य बनाए रखना चुनौतीपूर्ण था जिसको देशभर में विद्युत उत्पादन केन्द्रों, पारेषण संस्थानों एवं वितरण केंद्रों के साथ ही केन्द्र एवं राज्यों के लोड डिस्पैच केन्द्रों में कार्यरत अभियंताओं ने योजनाबद्ध तरीक़े से देशभर की जल विद्युत, गैस तथा थर्मल विद्युत उत्पादक परियोजनाओं के नियंत्रित परिचालन से बिना किसी बाधा के संचालित किया।  नरेन्द्र सिंह ने कहा कि इस दौरान जल विद्युत परियोजनाओं से 17543 मेगावाट, गैस आधारित परियोजनाओं से 1951 मेगावाट तथा तापीय विद्युतगृहों से 6992 मेगावाट उत्पादन को 8:45 बजे से 9:09 बजे की अवधि में घटाकर और उसके पश्चात 9:10 बजे से 9:27 बजे तक बढ़ाकर विद्युत भार के समन्वय से राष्ट्रीय ग्रिड को संचालित किया। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में देश की जल विद्युत इकाइयों का योगदान अभूतपूर्व आंका गया है।
आगे जानकारी देते हुए  नरेन्द्र सिंह ने बताया कि पूरे भारतवर्ष में करीब 23 करोड़ घरों, जिसमें 18 करोड़ ग्रामीण घर एवं 5 करोड़ शहरी घर थे, के उपभोक्ताओं के रात 9:00 बजे से लाइट बंद करने पर करीब 31000 मेगावाट की विद्युत मांग में कमी राष्ट्रीय ग्रिड में अंकित की गई। इस अवधि में देश की कुल विद्युत खपत 8:45 बजे लगभग 116880 मेगावाट थी जो 8:46 बजे से 9:09 बजे के बीच न्यूनतम 85799 मेगावाट रह गई। इसके बाद 9:10 बजे से विद्युत खपत बढ़कर लगभग 114400 मेगावाट हो गई जिसे विद्युत क्षेत्र में कार्यरत अभियंताओं एवं विशेषज्ञों द्वारा केन्द्र एवं राज्यों के लोड डिस्पैच केन्द्रों के माध्यम से आपसी समन्वय एवं बेहतरीन कार्ययोजना के बल से फ्रीक्वेंसी एवं वोल्टेज के उतार चढ़ाव को नियंत्रित कर नेशनल ग्रिड को संचालित किया गया। इंस्टिट्यूशन आफ इंजीनियर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह ने देशभर के समस्त अभियंताओं को इस चुनौतीपूर्ण उत्तरदायित्व को सफलतापूर्वक निभाने पर हार्दिक बधाई दी तथा कोविड 19 जैसी वैश्विक महामारी से चल रही लड़ाई में सुरक्षा ढाल बने चिकित्सकों, चिकित्सकीय यांत्रिकी उपकरण बनाने वाले अभियंताओं, पुलिस विभाग के कर्मचारियों तथा सभी पर्यावरण मित्रों को उनके रचनात्मक एवं साहस पूर्ण कार्य के लिए हार्दिक धन्यवाद दिया।

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