Uttarakhand

अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए ई-लर्निंग प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया

नैनीताल। सार्वजनिक सेवा प्रणाली में सुधार लाने, सुशासन और नागरिक सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकारी सेवा में भर्ती हुए अधिकारियों व कर्मचारियों को एक दिवसीय ई-लर्निंग प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजिन एटीआई कम्प्यूटर कक्ष में स्टेट नोडल आॅफीसर मीनू पाठक द्वारा दिया गया। आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षक श्रीमती मीनू ने गुड गवर्नेस के अलावा कार्मिकों को व्यक्तिगत व संगठनात्मक मूल्य, समय प्रबंधन, तनाव प्रबंधन, नेतृत्व, टीम वर्क, लोगों की परेशानियों को दूर करने और निर्णय लेने की क्षमता संबंधी जानकारियां दी गई। इसके साथ ही संचार, विरोधाभास, भावनात्मक बुद्धि, प्रेरणा, कार्यालय की प्रक्रियाएं आदि विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।  उन्होंने बताया कि व्यापक ऑनलाइन संशोधित मॉड्यूल के लिए दिए गए प्रेरण प्रशिक्षण के तहत प्रत्येक प्रतिभागी को डीओपीटी की साइट पर निर्धारित 16 ई-मॉड्यूल पर कार्य करने के लिए 60 दिन का समय निर्धारित है। साथ ही ई-लर्निंग के लिए निर्धारित 16 ई-मॉड्यूल को पूरा करने वाले कार्मिकों को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के माध्यम से प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। इस दौरान प्रतिभागियों को डीओपीटी की साइट पर लॉग इन करने के लिए आइडी व पासवर्ड दिया देकर 28 घण्टे के कोर्स में से 8 घण्टें का आॅनलाईन प्रशिक्षण दिया। उन्होनंे प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि डीओपीटी की गाईडलाईन के अनुसार 20 घण्टे का प्रशिक्षण प्रशिक्षुओं को डीओपीटी की साई से पर स्वयं आॅनलाईन पूरा करना होगा जिसके लिए 60 दिन का समय निर्धारित है।
उन्होंने बताया ऑनलाइन प्रशिक्षण में प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा तथा प्रशिक्षुओं द्वारा आॅनलाईन पढ़ाई की मोनीटरिंग साॅफ्टवेयर के माध्यम से स्वयं उनके द्वारा की जाएगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अच्छे प्रशासन के लिए कुशल सिविल सेवा उपलब्ध कराना है। ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम डिजिटल इंडिया का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों का क्षमता विकास करना है। उन्होंने बताया कि ई-लर्निंग के जरिए बड़ी संख्या में सिविल कर्मचारी प्रशिक्षण का लाभ उठा सकते हैं। ऑनलाइन पाठ्यक्रम में ज्ञान प्राप्ति के विशाल भंडार को उपलब्ध कराया गया है। बृह्द ऑनलाइन खुले पाठ्यक्रम व्यवस्था से सरकार और अन्य एजेंसियों के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों को जोड़ा गया है। उन्होंने लक्ष्य स्थापना, व्यक्तिगत और संगठनात्मक मूल्य, समय प्रबन्धन, तनाव प्रबन्धन, कुशल नैतृत्व, कुशल संगठन निर्माण, समस्या समाधान एवं निर्णय लेना, संचार, विरोधाभाष प्रबन्धन, भावात्मक बुद्धि, व्यक्तिगत और व्यवसायिक प्रभावशीलता, प्रेरणा, सूचना का अधिकार, कार्यालयी प्रक्रिया, वित्तीय प्रबन्धन आदि के बारे में विस्तार से आॅनलाईन प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविन्द गौण, अपर संख्याधिकारी दीपक चन्द्र, कुलसुम, स्टेनोग्राफर एटीआई निशा, मोहित कुमार सहित अन्य प्रशिक्षु मौजूद थे।

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