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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020ः-चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार शाम 6 बजे तक 55 फीसद से ज्यादा मतदान हुआ

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 की 70 विधानसभाओं पर मतदान के लिए शाम 6 बजे समय समाप्त हो चुका है। हालांकि लाइन में लगे हुए वोटरों को उनके मताधिकार का प्रयोग करने दिया जा रहा है। ऐसे में वोटिंग के अंतिम आंकड़े आने में अभी थोड़ा वक्त लग सकता है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार शाम 6 बजे तक 55 फीसद से ज्यादा मतदान हुआ है।

चुनाव आयोग के निर्देशानुसार इस बार सुबह 8 बजे मतदान शुरू हुआ था। दिल्ली के मतदाताओं ने चुनाव दर चुनाव अधिकतम वोटिंग का रिकॉर्ड तोड़ा है। दिल्ली विधानसभा के पिछले छह चुनावों पर नजर डालें तो केवल एक बार दिल्ली में मतदान प्रतिशत में गिरावट आई है। इसके बाद हर बार विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ा है। खास बात ये है कि मतदान प्रतिशत बढ़ाने में केवल पुरुष मतदाता ही नहीं महिला मतदाताओं की भी अहम भूमिका रही है। दोपहर तीन बजे तक दिल्ली में 41 फीसद से ज्यादा मतदान हुआ था। शाम 4 बजे तक करीब 42 फीसद मतदान हुआ था। इसके बाद मतदान ने रफ्तार पकड़ी और शाम 5:25 बजे तक 51 फीसद से ज्यादा मतदान हो चुका था। अभी भी ज्यादातर मतदान केंद्रों पर वोटरों की लंबी लाइनें देखी जा रही हैं।

सुबह से ही लगी लंबी लाइनें सुबह से ही मतदान केंद्रों पर वोटरों की भारी भीड़ लगी रही। हालांकि दोपहर के बाद वोटरों की संख्या कुछ कमी हुई । दोपहर तीन बजे तक वर्ष 2015 के मुकाबले इस बार 9 फीसद कम हुआ था। इसकी वजह दिल्ली विधानसभा चुनाव में पहली बार प्रयोग होने वाली क्यूआर कोड (QR Code) वाली मतदान पर्चियों को भी माना जा रहा है। इसकी वजह से कई मतदान केंद्रों पर वोटिंग प्रक्रिया की रफ्तार सामान्य से धीमी बताई जा रही थी।

शाम 6 बजे तक है मतदान का समय चुनाव आयोग के निर्देशानुसार शाम 6 बजे तक मतदान किया जा सकता है। मतलब शाम 6 बजे तक पोलिंग सेंटर पर जो मतदान के लिए लाइन में लग जाएगा, उसे वोट डालने दिया जाएगा। ऐसे में चुनाव आयोग द्वारा इस बार के मतदान का आधिकारिक आंकड़ा आने में देर शाम 7 बजे तक का समय लग सकता है। इसके बाद ही पता चल सकेगा इस बार अधिकतम मतदान का रिकॉर्ड टूटा या नहीं।

ऐसे बढ़ा दिल्ली का मतदान प्रतिशत दिल्ली विधानसभा के पिछले छह चुनावों में हर बार मतदान का प्रतिशत बढ़ा है। वर्ष 1993 में दिल्ली कुल 58,50,545 मतदाता थे। इनमें से 61.75 फीसद मतलब 36,12,713 वोटरों ने मतदान किया था। इसके बाद वर्ष 1998 के चुनाव में दिल्ली में कुल 84,20,141 मतदाता थे। इस साल पहली बार दिल्ली का मतदान प्रतिशत घटकर 48.99 फीसद हो गया और महज 41,24,986 लोगों ने मतदान किया था। हालांकि इसके बाद दिल्ली के वोटरों ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और हर बार अधिकतम मतदान का नया रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद 2003 में 53.42 फीसद, 2008 में 57.58 फीसद, 2013 में 65.63 फीसद और वर्ष 2015 में दिल्ली में 67.12 फीसद मतदान हुआ था।

मतदान में नहीं किया मतभेद आम तौर पर देखा जाता है कि किसी भी चुनाव में महिलाओं और पुरुषों के मतदान फीसद में काफी अंतर रहता है, लेकिन दिलवालों की दिल्ली में ऐसा नहीं है। यहां महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों संग कंधा से कंधा मिलाकर खड़ी रही हैं। पिछले छह दिल्ली चुनावों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि महिलाओं ने लगभग पुरुषों के बराबर मतदान किया है। आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली का मतदाता मतदान में किसी तरह का लिंग भेद करने पर विश्वास नहीं रखता है।

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