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घर का भेदी ही निकला पूरे परिवार को लोहे की रॉड मारकर मौत के घाट उतारने वाला

नई दिल्ली भजनपुरा इलाके में दिल दहला देने वाले हत्याकांड की गुत्थी को उत्तरी-पूर्वी जिला पुलिस ने 24 घंटे में सुलझा लिया है। मृतक शंभूनाथ के बुआ के बेटे प्रभुनाथ ने बड़ी ही बेरहम तरीके से पूरे परिवार को लोहे की रॉड मारकर मौत के घाट उतारा। उसने महज चार घंटे में महिला समेत तीन बच्चों को मौत की नींद सुलाया, इसके बाद घर के मुखिया को शराब के नशे में धूत करके उसकी भी निर्मम हत्या कर दी। आरोपित ने बताया कि वह उधार के तीस हजार रुपये लौटा नहीं पा रहा था, इसलिए उनसे परिवार को ही खत्म कर दिया। पुलिस ने वारदात में शामिल लोहे की रॉड को भी बरामद कर लिया है।

घर में बदबू आने से खुला राज पूर्वी जिले के जिला पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि 12 फरवरी दोपहर में पुलिस को सूचना मिली कि सी ब्लॉक गली नंबर-11 के एक घर से बदबू आ रही है। पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा घर के दरवाजे पर ताला लगा था, पुलिस ताला तोड़कर अंदर गई। वहां दो कमरों में एक ही परिवार के पांच शव पड़े हुए थे। शवों की पहचान शंभूनाथ, उनकी पत्नी सुनीता और दो बेटे सचिन और शिवम और एक बेटी कोमल के रूप में हुई।

बिहार के सुपौल के रहने वाले हैं सभी परिवार मूल रूप से गांव मलहनी जिला सुपौल बिहार का रहने वाला था। पुलिस हत्या का मामला दर्जकर मामले की जांच में कई टीमों को लगाया। सीसीटीवी और कॉल डिटेल से प्रभु के बारे में पता चला। आरोपित शंभूनाथ के घर से थोड़ी दूरी पर ही किराए पर रहता है।

सुबूत मिलने पर किया गिरफ्तार पुख्ता सुबूत मिलने पर पुलिस ने उसे बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। आलोक कुमार ने बताया कि पांच लोगों की हत्या देखकर लग रहा था कि कई लोगों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया होगा है, लेकिन आरोपित ने अकेले ही एक-एक करके पांचों की हत्या की थी। शव दस दिनों तक कमरे में ही पड़े हुए थे। पुलिस प्रभु से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। परिवार बृहस्पतिवार को बिहार से दिल्ली नहीं आ पाया, इस वजह से शुक्रवार को मेडिकल बोर्ड से जीटीबी में पोस्टमार्टम होंगे।

महिला से कहासुनी के बाद परिवार को उतार दिया मौत के घाट पुलिस पूछताछ में प्रभु ने बताया कि गत तीन फरवरी को दाेपहर में उसने शंभूनाथ को फाेन करके पैसों के लेनदेन के मामले में लक्ष्मी नगर में बुलाया, शंभूनाथ लक्ष्मी नगर पहुंच गया। लेकिन, प्रभु लक्ष्मी नगर पहुंचने के बजाए शंभूनाथ के घर पहुंच गया। वह दोपहर साढ़े तीन बजे सीधे शंभूनाथ के घर पर पहुंंचा, उस वक्त शंभूनाथ की पत्नी सुनीता घर पर अकेली थी। सुनीता ने उससे उधार के पैसे मांगे, जब प्रभु ने मना किया तो सुनीता ने उसे खरी खोटी सुना दी।

गला दबाने के बाद लोहे के रॉड से मारता चला गया इसके बाद प्रभु ने उसका गला दबाकर मार दिया, वह यही नहीं रूका इसके बाद उसने घर में पड़ी लोहे की रॉड उठाई और सुनीता के सिर पर मारता चला गया। वह सुनीता की हत्या के बाद भागा नहीं, घर में ही बैठा रहा। कुछ देर के बाद सुनीता की बेटी कोमल ट्यूशन से घर पहुंची, उसे देखते ही प्रभु ने उस पर भी लोहे की रॉड से हमला कर मौत के घाट उतार दिया।

मारने के लिए एक-एक कर सबका करता रहा इंतजार इसके बाद सुनीता का बड़ा बेटा शिवम ट्यूशन के घर पहुंंचा, जैसे ही वह घर के अंदर पहुंचा आरोपित उसपर लोहे की रॉड लेकर टूट पड़ा। उसके कुछ देर बाद सुनीता का दूसरा बेटा सचिन पहुंचा, आरोपित ने उसे भी लोहे की रोड मारकर हत्या कर दी। इसके बाद वह घर का मुख्य दरवाजा बंद करके बाहर चला गया। उसके बाद शंभूनाथ को फोन करके गामड़ी गांव में बुलाया, जब शंभूनाथ वहां पहुंचा तो दोनों ने बैठकर खूब शराब पी। इसके बाद प्रभु शाम साढ़े सात बजे उसे उसके घर लेकर गया और घर के अंदर जाते ही उसका गला दबा दिया और उसपर भी लोहे की कई बार रोड मारी। पांचों हत्या करने के बाद वह घर के मुख्य द्वार पर बाहर से ताला लगाकर अपने घर पर चला गया।

ऐसे पकड़ा गया आरोपित पुलिस ने बताया कि जब पुलिस ने शंभूनाथ के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकाली तो उसमें आखिरी कॉल प्रभु की थी। इसके साथ ही पुलिस ने गली में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो उसमें प्रभु घर पर ताला लगाकर जाते हुए दिखा। पुलिस का शक उसपर गहरा हो गया और उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की ताे वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया।

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